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भूजल और जल संरक्षण

भूजल और जल संरक्षण: निकाले गए जल को पुनर्भरित जल के सामने कैसे मापा जाता है, निष्कर्षण का विनियमन, पुनर्भरण और वर्षाजल संचयन, तथा जल नीति। प्रारंभिक परीक्षा में केंद्रीय भूमि जल प्राधिकरण और यह पूछा जा चुका है कि पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 के अंतर्गत कौन सा निकाय गठित हुआ था।

UPSC पूछ चुका है

  • Prelims 2022: पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 के अंतर्गत गठित निकाय
  • Prelims 2020: केंद्रीय भूमि जल प्राधिकरण और भूजल सिंचाई

गतिशील भूजल संसाधन आकलन

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Prelims and Mains

भारत अपने भूजल को एक राष्ट्रीय भंडार की तरह नहीं मापता, क्योंकि जलभृत स्थानीय स्तर पर खाली होता है और स्थानीय स्तर पर ही भरता है। केंद्रीय भूमि जल बोर्ड (Central Ground Water Board) राज्यों के साथ मिलकर इसकी गणना इकाई दर इकाई करता है, ताकि कोई सुविधाजनक औसत उस ज़िले को न छिपा सके जो पुनर्भरण से अधिक निकाल रहा है।

  • गतिशील भूजल संसाधन आकलन केंद्रीय भूमि जल बोर्ड का राज्यों के साथ किया जाने वाला वार्षिक लेखाजोखा है, जो पूरे देश के लिए नहीं, बल्कि इकाई दर इकाई किया जाता है।
  • हर इकाई को उसकी भूजल निष्कर्षण की अवस्था (stage of groundwater extraction) के आधार पर सुरक्षित, अर्ध क्रांतिक, क्रांतिक या अति दोहित श्रेणी दी जाती है।

क्या बदला

  1. 10 Aug 2026

    • 2025 के आकलन ने पूरे भारत के लिए भूजल निष्कर्षण की अवस्था (stage of groundwater extraction) 60.63 प्रतिशत आँकी।
    • वार्षिक पुनर्भरण 449 अरब घन मीटर है, जिसमें से 408 अरब निष्कर्षण योग्य है और 247 अरब निकाला जाता है।
    • जो निकाला जाता है उसका 87 प्रतिशत सिंचाई, 11 प्रतिशत घरेलू उपयोग और 2 प्रतिशत उद्योग लेता है।
    • 281 ज़िलों तथा नौ राज्यों और संघ राज्यक्षेत्रों में निष्कर्षण राष्ट्रीय औसत से ऊपर है, जिनमें पंजाब, राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली शामिल हैं।

    PIB, 10 Aug 2026: Groundwater assessment 2025 (opens in a new tab)

जल संचय जन भागीदारी

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Prelims and Mains

जहाँ कोई इकाई पुनर्भरण से अधिक जल निकाल रही हो, वहाँ सबसे सस्ता उपाय वर्षा जल को वापस भूमि के भीतर ले जाना है, और यह काम कोई गाँव स्वयं कर सकता है। जल संचय जन भागीदारी इसका खर्च उठाती है और बनी हुई संरचना उसी समुदाय के पास छोड़ देती है जिसने उसे बनाया।

  • जल संचय जन भागीदारी (JSJB), जो सितंबर 2024 में आरंभ हुई, समुदाय को स्वामी बनाकर कम लागत की कृत्रिम पुनर्भरण (artificial recharge) संरचनाएँ बनाती है, और इसका मार्गदर्शन समुदाय (Community), कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (Corporate Social Responsibility) तथा लागत (Cost) के 3C करते हैं।
  • जून 2026 में इसका जल शक्ति अभियान: कैच द रेन में विलय हो गया।
  • संरचनाओं की गिनती प्रयास मापती है, परिणाम नहीं, इसलिए जलभृत के स्तर और माँग पक्ष के उपाय ही इसकी कसौटी हैं।
छत्तीसगढ़, कोरिया ज़िला
  • Aawa Paani Jhoki: farmers gave 5% of their land to recharge ponds and pits
  • Groundwater up 3 to 4 metres in many villages
आंध्र प्रदेश, प्रकाशम ज़िला
  • Ridge to valley: treating rainwater from the higher ridges down to the valley
  • Water budgeting and crop planning
ओडिशा
  • CHHATA (Community Harnessing and Harvesting of Rainwater Artificially from Terrace to Aquifer): rooftop rainwater harvesting
  • ARUA (Artificial Recharge to Underground Aquifer): recharge from ponds and water bodies
तीन राज्यों में एक पुनर्भरण संरचना कैसी दिखती है, पत्र सूचना कार्यालय की 3 सितंबर 2026 की विज्ञप्ति से

क्या बदला

  1. 3 Sep 2026

    • इसके पहले दो वर्षों में 1.58 करोड़ से अधिक पुनर्भरण संरचनाएँ बनाई जा चुकी थीं।

    PIB, 3 Sep 2026: Jal Sanchay Jan Bhagidari: From Local Action to Water Security (opens in a new tab)

अटल भूजल योजना

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Prelims and Mains

अटल भूजल योजना सात राज्यों के जल संकटग्रस्त खंडों में समुदाय संचालित भूजल प्रबंधन के लिए एक केंद्रीय योजना थी, जिसमें हर ग्राम पंचायत जल बजट और जल सुरक्षा योजना तैयार करती थी।

क्या बदला

  1. 30 Jul 2026New subject

    • यह योजना 15 अक्टूबर 2025 को समाप्त हो गई और केंद्रीय योजना के रूप में जारी नहीं रहेगी। सरकार इसे राज्यों द्वारा दोहराए जाने योग्य पूर्ण हो चुका प्रायोगिक कार्यक्रम बताती है।
    • इसने सात राज्यों के 229 ब्लॉकों की 8,203 जल संकटग्रस्त ग्राम पंचायतों को शामिल किया, और उनमें से 180 ब्लॉकों में भूजल स्तर सुधरा।
    • लगभग 9.7 लाख हेक्टेयर कुशल जल उपयोग के अंतर्गत आया।

    मुख्य परीक्षा: यह इसका प्रमाण है कि माँग पक्ष पर सामुदायिक जल बजटीकरण जल स्तर ऊपर उठा सकता है।

    PIB, 30 Jul 2026: Implementation and Impact of Atal Bhujal Yojana (opens in a new tab)

जल जीवन मिशन 2.0

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Prelims and Mains

जल जीवन मिशन हर ग्रामीण घर तक कार्यशील नल जल संयोजन पहुँचाने की केंद्रीय योजना है, जिसमें प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 55 लीटर ऐसा जल दिया जाता है जो भारतीय मानक ब्यूरो (Bureau of Indian Standards) के विनिर्देश IS 10500 पर खरा उतरता हो।

क्या बदला

  1. 27 Jul 2026New subject

    • मंत्रिमंडल ने मिशन को दिसंबर 2028 तक बढ़ा दिया है और कुल परिव्यय 3.60 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर 8.69 लाख करोड़ रुपये कर दिया है।
    • 18 जुलाई 2026 तक लगभग 82 प्रतिशत ग्रामीण परिवारों के पास नल का जल था, जबकि अगस्त 2019 में यह लगभग 17 प्रतिशत था।

    PIB, 27 Jul 2026: 15.89 Crore Rural Households Connected to Functional Household Tap Connections Under JJM (opens in a new tab) · PIB, 30 Jul 2026: WATER QUALITY MANAGEMENT UNDER JAL JEEVAN MISSION (opens in a new tab)

गैर राजस्व जल

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Mains

गैर राजस्व जल वह जल है जो आपूर्ति नेटवर्क में डाला जाता है और रिसाव, चोरी या बिना बिल वाले उपयोग में खो जाता है, इससे पहले कि उपयोगिता को उससे कुछ आय हो; भारतीय शहर अपने उत्पादित जल का एक तिहाई से अधिक इसी तरह गँवाते हैं।

क्या बदला

  1. 28 Jul 2026New subjectalso in news

    • शहरी जल उपयोगिताएँ जितना जल उत्पादित करती हैं उसका 30 प्रतिशत से अधिक बिल बनने से पहले ही गँवा देती हैं, और केवल लगभग 27 प्रतिशत मलजल का उपचार होता है।

    The Hindu, 28 Jul 2026: How a political term can majorly fix urban India's water woes (opens in a new tab)