चर्चा में क्यों
केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन ने जुलाई 2026 में Qdenga को विपणन अनुमति दी, जो 4 से 60 वर्ष के लोगों के लिए भारत में स्वीकृत पहला डेंगू टीका है।
पृष्ठभूमि
- डेंगू एक विषाणु जनित रोग है जो Aedes aegypti मच्छर से फैलता है, जो दिन में काटता है और साफ़ ठहरे पानी में पनपता है।
- विषाणु के चार सीरोटाइप हैं, DENV-1 से DENV-4। किसी एक से संक्रमण उसी के विरुद्ध स्थायी सुरक्षा देता है, और बाकियों के विरुद्ध केवल थोड़े समय की सुरक्षा।
- किसी भिन्न सीरोटाइप से दूसरा संक्रमण प्राय: पहले से अधिक गंभीर होता है।
- भारत पर विश्व के डेंगू भार का लगभग एक तिहाई है।
डेंगू के टीके बनाना कठिन क्यों है
- पहले संक्रमण से बनी एंटीबॉडी दूसरे संक्रमण में किसी भिन्न सीरोटाइप को कोशिकाओं में प्रवेश करने में मदद कर सकती हैं। इसे एंटीबॉडी निर्भर संवर्धन (antibody dependent enhancement) कहते हैं।
- इसलिए टीके को चारों सीरोटाइप के विरुद्ध बराबर सुरक्षा देनी होती है। आंशिक सुरक्षा व्यक्ति को बिना टीके से भी बदतर स्थिति में छोड़ सकती है।
- एक पहले के टीके को सुरक्षित रूप से केवल उन लोगों को दिया जा सकता था जिन्हें पहले डेंगू हो चुका था, जिसका अर्थ था टीकाकरण से पहले जाँच।
टीका
- Qdenga एक जीवित क्षीणित चतुर्संयोजी (live attenuated tetravalent) टीका है, जो डेंगू टाइप 2 के आधार पर बना है।
- इसे तीन महीने के अंतर पर दो खुराकों में दिया जाता है, और पहले के संक्रमण के लिए किसी जाँच की आवश्यकता नहीं होती।
- परीक्षणों में यह पुष्ट डेंगू के विरुद्ध लगभग 80 प्रतिशत और अस्पताल में भर्ती होने के विरुद्ध लगभग 90 प्रतिशत प्रभावी रहा।
- चेतावनी: जिन्हें कभी डेंगू नहीं हुआ, उनमें सुरक्षा केवल DENV-1 और DENV-2 के विरुद्ध दिखी है, जिससे बाद में DENV-3 से रोग की चिंता उठती है।
- यह सार्वभौम टीकाकरण कार्यक्रम का भाग नहीं है।
- जीवित क्षीणित टीका
- जीवित विषाणु के कमज़ोर किए गए रूप से बना टीका।
चारों सीरोटाइप, एक साथ
- एक राष्ट्रीय अध्ययन में आठ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चारों सीरोटाइप एक साथ प्रसारित पाए गए, जिस स्थिति को अति स्थानिकता (hyperendemicity) कहते हैं।
- DENV-2 सबसे आम था।
- लगभग 7 प्रतिशत रोगियों में एक साथ दो या अधिक सीरोटाइप थे, और उनमें गंभीर डेंगू होने की संभावना अधिक थी।
- कौन सा सीरोटाइप प्रसारित है, यह तय करता है कि टीका कितना अच्छा काम करेगा, इसलिए इसके साथ निगरानी जारी रहनी चाहिए।
- अति स्थानिकता
- एक ही आबादी में किसी रोगाणु के कई सीरोटाइप का लगातार प्रसार।
आगे की राह
- सीरोटाइप निगरानी चलती रहे, और टीका लगे बच्चों पर बाद के गंभीर रोग के लिए नज़र रखी जाए।
- सार्वजनिक कार्यक्रम का निर्णय केवल उन लोगों में सुरक्षा के भारतीय आँकड़ों के साथ हो जिन्हें कभी संक्रमण नहीं हुआ।
- मच्छर नियंत्रण जारी रहे, क्योंकि कोई टीका इसकी आवश्यकता नहीं हटाता।
- परीक्षणों में चल रहे स्वदेशी टीका उम्मीदवारों को समर्थन मिले।
प्रारंभिक परीक्षा के तथ्य
- डेंगू के चार सीरोटाइप हैं; वाहक Aedes aegypti है।
- Qdenga: जीवित क्षीणित, चतुर्संयोजी, दो खुराकें, 4 से 60 वर्ष, टीकाकरण से पहले कोई जाँच नहीं।
- यह DENV-2 के आधार पर बना है।
- भारत में स्वीकृति केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन देता है।
यह भी देखें: भारत में डेंगू के सीरोटाइप
स्रोत: PIB, 21 Jul 2026: Dengue Vaccine Approved in 42 Countries with WHO Prequalification and Strong Global Safety Record (opens in a new tab) · The Hindu, 21 Jul 2026: India's first dengue vaccine arrives with a crucial safety caveat (opens in a new tab) · The Indian Express, 20 Jul 2026: India approves its first dengue vaccine, Qdenga, for ages four to sixty (opens in a new tab) · The Hindu, 29 Jul 2026: Study finds multiple dengue virus strains circulating together in India (opens in a new tab)
पहले की कवरेज: डेंगू के टीके: Qdenga, DengiAll और प्रतिरक्षी आश्रित संवर्धन · मासिक पत्रिका, July 2026
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