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चर्चा में क्यों

संसद ने राष्ट्र गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026 पारित किया, जो 1971 का अधिनियम राष्ट्रगान को जो संरक्षण देता है वह राष्ट्रगीत वंदे मातरम् तक बढ़ाता है। राज्य सभा ने इसे 29 जुलाई को और लोक सभा ने 30 जुलाई 2026 को पारित किया।

पृष्ठभूमि

  • राष्ट्र गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971 राष्ट्रीय ध्वज और संविधान के अपमान, और राष्ट्रगान के गायन को जानबूझकर रोकने को दंडनीय बनाता है।
  • वंदे मातरम् बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने लिखा था और यह उनके उपन्यास आनंदमठ में है।
  • 24 जनवरी 1950 को संविधान सभा ने दर्ज किया कि इस गीत को जन गण मन के समान सम्मान दिया जाएगा।
  • 2026 तक इस गीत को आपराधिक कानून में कोई संरक्षण नहीं था।
भारत के राष्ट्रीय प्रतीक, हर एक के बारे में संविधान और कानून क्या कहते हैं, और संशोधित अधिनियम किसे दंडित करता है और किसे नहीं।
भारत के राष्ट्रीय प्रतीक, हर एक के बारे में संविधान और कानून क्या कहते हैं, और संशोधित अधिनियम किसे दंडित करता है और किसे नहीं।स्रोत: Act No. 11 of 2026; Supreme Court

संशोधन क्या करता है

  • वंदे मातरम् के गायन को जानबूझकर रोकना, या उसे गाती हुई सभा में विघ्न डालना अपराध हो जाता है।
  • सज़ा तीन वर्ष तक का कारावास, या जुर्माना, या दोनों है।
  • अब यह गीत आपराधिक कानून में राष्ट्रगान के समान स्तर पर है।

संवैधानिक प्रश्न

  • क्या मौन रहना अपराध है? पाठ रोकने और विघ्न डालने को दंडित करता है। यह नहीं कहता कि गाने से मना करने वाला व्यक्ति अपराध करता है।
  • वाक् स्वतंत्रता में न बोलने की स्वतंत्रता शामिल है, और अनुच्छेद 25 अंतःकरण की रक्षा करता है।
  • मौलिक कर्तव्य: अनुच्छेद 51A(a) नागरिकों से संविधान, राष्ट्रीय ध्वज और राष्ट्रगान का आदर करने को कहता है। इसमें राष्ट्रगीत का नाम नहीं है।
  • अस्पष्टता: अधिनियम राष्ट्रगीत को परिभाषित नहीं करता, और अस्पष्ट शब्दों वाला दंड कानून वैध आचरण को दबा सकता है।
  • सरकार का पक्ष: 1950 में दर्ज समान सम्मान को कानून में समान संरक्षण मिलना चाहिए।

उद्धृत करने योग्य मामले

  • Bijoe Emmanuel v. State of Kerala (1986): जो विद्यार्थी सम्मान से खड़े रहे पर आस्था के कारण राष्ट्रगान नहीं गाया, उन्हें अनुच्छेद 19(1)(a) और 25 का संरक्षण मिला।
  • Shreya Singhal v. Union of India (2015): अस्पष्ट शब्दों वाला दंड प्रावधान असंवैधानिक है क्योंकि वह वाक् स्वतंत्रता को दबाता है।
  • Shyam Narayan Chouksey v. Union of India (2018): सिनेमाघरों में राष्ट्रगान बजाना वैकल्पिक कर दिया गया।

आगे की राह

  • अपराध को संकीर्ण रूप में पढ़ा जाए: बाधा और विघ्न, कभी भी परहेज़ नहीं।
  • पुलिस को स्पष्ट मार्गदर्शन दिया जाए, ताकि कानून का प्रयोग मौन रहने वालों के विरुद्ध न हो।
  • राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति आदर शिक्षा से बढ़ाया जाए, जो अभियोजन से बेहतर उद्देश्य पूरा करती है।

प्रारंभिक परीक्षा के तथ्य

  • अधिनियम 1971 का है; यह ध्वज, संविधान, राष्ट्रगान और अब राष्ट्रगीत को शामिल करता है।
  • अनुच्छेद 51A(a) संविधान, ध्वज और राष्ट्रगान का नाम लेता है, गीत का नहीं।
  • वंदे मातरम् बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के *आनंदमठ से है
  • अधिकतम सज़ा: तीन वर्ष, या जुर्माना, या दोनों।