VidBodh AcademyThe art and science of civil services preparation
English — अंग्रेज़ी में पढ़ें

गहरे समुद्र के खनिज

प्रारंभिक और मुख्यइस पर समसामयिकी: महासागर, ध्रुवीय और पृथ्वी विज्ञान मिशन

महासागर के तल तक जाने लायक़ दो तरह के निक्षेप हैं, और वे अलग अलग जगह बनते हैं। चित्र इनकी तुलना करता है।

पिंड और सल्फाइड

बहुधात्विक पिंड
  • Lumps growing very slowly on abyssal plains, 3,000 to 6,000 m deep
  • Manganese, nickel, cobalt, copper
बहुधात्विक सल्फाइड
  • Deposits at hydrothermal vents along a mid-ocean ridge, where plates move apart
  • Copper, zinc, gold, silver
मानक समुद्री भूविज्ञान
  • बहुधात्विक पिंड (polymetallic nodules), आलू के आकार के ऐसे ढेले जो मैंगनीज़, निकल, कोबाल्ट और ताँबे से भरपूर होते हैं, 4,000 से 6,000 मीटर गहरे समतल अगाध मैदानों पर लाखों वर्षों में कण दर कण जमते हैं।
  • बहुधात्विक सल्फाइड उन कटकों के सहारे जलतापीय छिद्रों से बाहर फेंके जाते हैं जहाँ प्लेटें एक दूसरे से दूर खिंचती हैं, और उनमें ताँबा, जस्ता, सोना और चाँदी होते हैं।
  • समुद्री पर्वतों पर जमी कोबाल्ट समृद्ध परतें तीसरा प्रकार हैं।

पृष्ठभूमि पठन: PIB, 8 Sep 2026: Ministry of Earth Sciences and NIOT Host Industry Outreach Workshop on Deep Sea Mining to Secure India's Critical Mineral Future (opens in a new tab)

यह भी देखें: UNCLOS: the zones from the coast to the Area · भारत का गहरे समुद्र खनन कार्यक्रम · गहरे समुद्र मिशन

यह पृष्ठ अंग्रेज़ी पृष्ठ का मशीनी अनुवाद है। संदेह होने पर अंग्रेज़ी पाठ ही प्रामाणिक है। अनुवाद की त्रुटि बताएँ