संरक्षित क्षेत्र: श्रेणियाँ
प्रारंभिक और मुख्यइस पर समसामयिकी: संरक्षित क्षेत्र, बाघ अभयारण्य और पारिस्थितिकी संवेदनशील क्षेत्र
भारत आवास की रक्षा श्रेणियों की एक सीढ़ी से करता है, और UPSC यही पूछता है कि हर श्रेणी में क्या अनुमत है। राष्ट्रीय उद्यान और वन्यजीव अभयारण्य, दोनों राज्य द्वारा वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के अंतर्गत घोषित किए जाते हैं; अंतर अधिकारों का है, जो अभयारण्य में बने रह सकते हैं पर उद्यान में नहीं। 2002 में जोड़े गए संरक्षण रिजर्व और सामुदायिक रिजर्व उपयोग को हटाए बिना बफर तथा गलियारों की रक्षा करते हैं। बाघ अभयारण्य ऐसा उद्यान या अभयारण्य है जिसमें एक अविचल क्रोड और एक बफर होता है, और जिसकी अधिसूचना राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) की सलाह पर होती है। उनके चारों ओर के पारिस्थितिकी संवेदनशील क्षेत्र पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 के अंतर्गत आते हैं। बायोस्फीयर रिजर्व, रामसर स्थल और हाथी रिजर्व ऐसी अभिधाराएँ हैं जो इन्हीं में से किसी श्रेणी द्वारा संरक्षित भूमि पर ऊपर से लगाई जाती हैं।
भारत में संरक्षित क्षेत्र की श्रेणियाँ
| Category | Law | Who notifies | Rights and use | Distinct feature |
|---|---|---|---|---|
| Wildlife sanctuary | WPA 1972, s. 18 and s. 26A | State | some rights may continue, settled by the Collector | commonest category |
| National park | WPA 1972 s. 35 | State | no rights survive, grazing prohibited | boundary change on National Board for Wildlife recommendation |
| Conservation reserve | WPA 1972 s. 36A | State, and since 2022 the Centre | use continues, local committee | government land buffers and corridors |
| Community reserve | WPA 1972 s. 36C | State | use continues, community committee | private or community land |
| Tiger reserve | WPA 1972 s. 38V | State on NTCA advice | core inviolate, buffer regulated | overlays a park or sanctuary |
| Eco sensitive zone | EP Act 1986 s. 3(2)(v) | Centre | activities prohibited, regulated or permitted | site specific extent, no statutory 10 km |
| Biosphere reserve | none (UNESCO MAB) | Centre nominates | core, buffer, transition | no legal force of its own |
- संरक्षण रिजर्व सरकारी भूमि पर होते हैं और सामुदायिक रिजर्व निजी या सामुदायिक भूमि पर। अभयारण्य: धारा 18 आशय घोषित करती है और धारा 26A अंतिम अधिसूचना जारी करती है; जो अधिकार बने रहते हैं उन्हें कलेक्टर मुख्य वन्यजीव वार्डन के परामर्श से अनुमति देता है; बेहतर प्रबंधन के लिए अनुज्ञप्ति द्वारा वन्यजीव हटाए जा सकते हैं (धारा 29)। राष्ट्रीय उद्यान: धारा 35; कोई अधिकार नहीं बचता, और चराई निषिद्ध है, सिवाय उस पशुधन के जिसे कोई प्राधिकृत व्यक्ति वाहन के रूप में प्रयोग करता है। दोनों में से किसी की सीमा बदलने के लिए राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की सिफारिश चाहिए (धारा 26A(3) और 35(5)); पुराने नोट्स में पढ़ाया जाने वाला राज्य विधानमंडल का संकल्प 2003 में हटा दिया गया था।
- संरक्षण रिजर्व (धारा 36A) और सामुदायिक रिजर्व (धारा 36C): 2002 के संशोधन से जोड़े गए, जो 2003 के अधिनियम 16 के रूप में अधिनियमित हुआ, स्थानीय समिति के साथ प्रबंधित और सबसे कम प्रतिबंधात्मक। 2022 के संशोधन के बाद केंद्र सरकार भी संरक्षण रिजर्व अधिसूचित कर सकती है; सामुदायिक रिजर्व जिस भूमि पर हो सकता है, उसमें कोई बदलाव नहीं किया गया।
- बाघ अभयारण्य (धारा 38V): क्रोड अर्थात क्रांतिक बाघ आवास को वैज्ञानिक तथा वस्तुनिष्ठ मानदंडों पर और अनुसूचित जनजातियों के अधिकारों का अतिक्रमण किए बिना अविचल रखा जाता है; बफर में उपयोग विनियमित होता है। 2006 के संशोधन ने NTCA बनाया (धारा 38L)।
- पारिस्थितिकी संवेदनशील क्षेत्र: केंद्र द्वारा पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम की धारा 3(2)(v) के अंतर्गत अधिसूचित, जिसका विस्तार स्थल के अनुसार होता है और गतिविधियाँ निषिद्ध, विनियमित या अनुमत के रूप में श्रेणीबद्ध होती हैं। परिचित 10 km का आँकड़ा किसी वैधानिक आधार पर नहीं है; वह वन्यजीव संरक्षण रणनीति 2002 और पर्यावरण, वन तथा जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) के 2011 के दिशानिर्देशों से आता है, जो क्षेत्र को इससे संकरा या चौड़ा होने देते हैं। उच्चतम न्यायालय ने 3 जून 2022 को न्यूनतम 1 km क्षेत्र का आदेश दिया और 26 अप्रैल 2023 को माना कि एक समान नियम व्यवहार्य नहीं है, तथा केवल उद्यान या अभयारण्य के भीतर खनन पर रोक बनाए रखी।
- अधिनियम में नहीं: बायोस्फीयर रिजर्व (UNESCO का मानव और जीवमंडल कार्यक्रम, जो प्रशासनिक रूप से अधिसूचित होता है), रामसर स्थल (अभिसमय की अभिधाराएँ, जिन्हें देश के भीतर आर्द्रभूमि (संरक्षण और प्रबंधन) नियम, 2017 के माध्यम से संभाला जाता है) और हाथी रिजर्व (14 राज्यों में 33, जिन्हें राज्य प्रोजेक्ट एलिफेंट के अंतर्गत अधिसूचित करते हैं, और जिसे 2023 में प्रोजेक्ट टाइगर के साथ मिला दिया गया; उनके पीछे वैधानिक आधार न होना एक जीवंत आलोचना है)।
मुख्य परीक्षा: श्रेणियाँ इस बात में भिन्न हैं कि किसके अधिकार बचे रहते हैं, इसलिए संरक्षित क्षेत्र नीति उतनी ही लोगों के बारे में है जितनी प्रजातियों के बारे में; 2002 के रिजर्व और बाघ अभयारण्य का बफर, दोनों बेदखली के बिना आवास बचाने के प्रयास थे।
UPSC पूछ चुका है
- Prelims 2023: किसी क्षेत्र के सामुदायिक रिजर्व अधिसूचित होने पर क्या बदलता है
- Prelims 2014: पारिस्थितिकी संवेदनशील क्षेत्र किस कानून के अंतर्गत घोषित होते हैं, और वे किस पर रोक लगाते हैं
अतिरिक्त पठन: Current list of protected areas in India (Wildlife Institute of India) · Conservation reserves (Wildlife Institute of India)
यह भी देखें: The Wildlife (Protection) Act, 1972: the schedules · काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान · Voluntary relocation from tiger reserves: Satkosia · हाथी गलियारे · प्रोजेक्ट एलिफेंट · भारत के रामसर स्थल
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