ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान
प्रारंभिक और मुख्यइस पर समसामयिकी: वायु प्रदूषण
ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (श्रेणीबद्ध प्रतिक्रिया कार्य योजना) आपातकालीन प्रतिबंधों का वह समूह है जो वायु बिगड़ने पर दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में लागू होता है, और जो वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) से जुड़े चार चरणों में बँटा है: चरण I 201 से 300 (खराब) पर, चरण II 301 से 400 (बहुत खराब) पर, चरण III 401 से 450 (गंभीर) पर और चरण IV 450 से ऊपर (गंभीर से भी आगे) पर। हर चरण अपने नीचे वाले चरण में जुड़ता जाता है, चरण I के धूल नियंत्रण से लेकर चरण IV में ट्रकों की रोक और निर्माण कार्य बंद कराने तक। इसे उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद 2017 में अधिसूचित किया गया और 2021 से इसे वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग चलाता है, जिसकी अनुसूची, अंतिम बार सितंबर 2026 में संशोधित, लागू है।
GRAP के चरण और वे क्या लागू करते हैं (सितंबर 2026 में संशोधित अनुसूची)
| Stage | AQI band | Air quality | Main curbs added |
|---|---|---|---|
| I | 201 to 300 | Poor | dust control at construction sites, ban on open burning, mechanised sweeping and sprinkling, emission enforcement on vehicles, more bus and metro services, diesel generators regulated by capacity, interstate buses limited to electric, CNG and BS VI diesel |
| II | 301 to 400 | Very poor | parking fees raised, staggered office hours |
| III | 401 to 450 | Severe | non essential construction stopped, stone crushers and mining closed, BS III petrol and BS IV diesel light vehicles restricted, hybrid classes up to Class V, offices at 50 per cent |
| IV | above 450 | Severe plus | BS IV and older trucks stopped at the border except essential goods, construction ban extended to highways and pipelines, hybrid classes VI to IX and XI, closure of colleges and non emergency commercial activity and odd even left to the State Governments |
- दिसंबर 2016 के एम.सी. मेहता मामले में उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद जनवरी 2017 में पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम के अंतर्गत अधिसूचित, और पहले पर्यावरण प्रदूषण (निवारण एवं नियंत्रण) प्राधिकरण (EPCA) द्वारा संचालित। बैंड 2022 से स्थिर हैं, जब GRAP PM2.5 और PM10 की सांद्रता के ट्रिगरों से हटकर AQI बैंडों पर आ गई; 2024 और 2025 के संशोधनों ने प्रतिबंध बदले, बैंड नहीं।
- वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) 2020 में अध्यादेश से बना, 2021 में पुनः प्रख्यापित हुआ और वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग अधिनियम, 2021 (Commission for Air Quality Management Act, 2021) से वैधानिक बना, जिसने EPCA को भंग कर दिया; इसके दायरे में दिल्ली तथा हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के NCR जिले हैं।
- CAQM क्रमांकित वैधानिक निर्देशों के माध्यम से भी काम करता है जिन्हें राज्य लागू करते हैं, और हर निर्देश एक क्षेत्र, एक नियम और एक तिथि बताता है: निर्देश 101, वैध प्रदूषण प्रमाणपत्र के बिना ईंधन नहीं, जिसे 1 अक्टूबर 2026 से ईंधन स्टेशनों पर नंबर प्लेट कैमरों से लागू किया जाएगा; निर्देश 70, डीज़ल ऑटो रिक्शा 31 दिसंबर 2026 तक NCR ज़िलों से बाहर; निर्देश 92, पंजाब और गैर NCR हरियाणा के ईंट भट्ठों को धान के पुआल के पेलेट साथ में जलाने होंगे, जिनका हिस्सा नवंबर 2028 तक 50 प्रतिशत होगा; निर्देश 98, 50 mg/Nm³ की औद्योगिक कणिकीय सीमा, उल्लंघन करने वालों को बंद किया जाएगा।
- 2022 से चरण भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और भारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान (IITM) के पूर्वानुमानों पर, अनुमानित उल्लंघन से कम से कम तीन दिन पहले लागू किए जाते हैं, इसलिए पाठ्यांक के बैंड पार करने से पहले ही कोई चरण शुरू हो सकता है। वापसी CAQM की उप समिति का निर्णय है, जो देखी गई प्रवृत्ति और पूर्वानुमान पर आधारित होता है, न कि किसी नियत दिनों की संख्या पर।
- कौन सा प्रतिबंध किस चरण में है, यह बदलता रहता है: नवंबर 2025 के संशोधन ने बढ़ी हुई बस और मेट्रो सेवाओं को चरण II से चरण I में और 50 प्रतिशत कार्यालय उपस्थिति के नियम को चरण IV से चरण III में कर दिया। सितंबर 2026 के संशोधन ने डीज़ल जनरेटर सेटों और BS IV तथा उससे नीचे की बसों पर लगे प्रतिबंधों को चरण II से चरण I में कर दिया।
- उच्चतम न्यायालय ने एक से अधिक बार CAQM को फटकारा है और 18 नवंबर 2024 को अभिनिर्धारित किया कि AQI के 450 पार कर जाने के बाद उसका "प्रतीक्षा करो और देखो" रवैया गलत था और चरण IV तब तक जारी रहेगा जब तक न्यायालय ढील की अनुमति न दे।
मुख्य परीक्षा: GRAP दिखाती है कि आपातकालीन प्रतिबंध स्रोत नियंत्रण का स्थान क्यों नहीं ले सकते: यह वास्तविक आर्थिक लागत पर कई दिनों तक निर्माण और ट्रक रोक देती है, जबकि आपात स्थिति पैदा करने वाले पराली, वाहन और धूल के स्रोत अगले मौसम में भी अपरिवर्तित रहते हैं।
अतिरिक्त पठन: The Commission for Air Quality Management in National Capital Region and Adjoining Areas Bill, 2021 (PRS India)
यह भी देखें: राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम · Air quality: the standards and the index · Stubble burning and crop residue management · फ्लू गैस डिसल्फराइजेशन मानदंड
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