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पाकिस्तान

भारत और पाकिस्तान: संबंध, उसके समझौते और उसके विवाद।

भारत और पाकिस्तान

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प्रारंभिक और मुख्य

22 अप्रैल 2025 के पहलगाम हमले और मई 2025 के ऑपरेशन सिंदूर के बाद से भारत और पाकिस्तान के संबंध ठहरे हुए हैं।

  • भारत 1960 की सिंधु जल संधि को तब तक स्थगित रखता है जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद का समर्थन बंद नहीं करता।
  • भारत का मत है कि पाकिस्तान अधिकृत जम्मू और कश्मीर (PoJK) सहित जम्मू और कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न अंग हैं।
  • भारत दोनों देशों के बीच सभी मुद्दों को पूरी तरह द्विपक्षीय मानता है और तीसरे पक्ष की मध्यस्थता के दावों को अस्वीकार करता है।

क्या बदला

  1. 26 Sep 2026नया जोड़ा गया

    • 1 सितंबर को पाकिस्तान ने शंघाई सहयोग संगठन की अध्यक्षता सँभाली और वह 2027 का शिखर सम्मेलन आयोजित करेगा; विदेश मंत्रालय ने कहा कि उसमें भाग लेने का निर्णय उचित समय पर लिया जाएगा।
    • UN महासभा में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने कश्मीर और सिंधु संधि का मुद्दा उठाया, और 26 सितंबर को भारत के विदेश मंत्री ने पाकिस्तान को "आतंकवाद का आदतन अभ्यासी" कहा; यह संवाद सुरक्षा परिषद सुधार वाले पृष्ठ पर है।

    ThePrint, 1 Sep 2026: India non committal on Pakistan led SCO in 2027 (opens in a new tab) · ThePrint, 26 Sep 2026: It is for the perpetrator of terrorism to mend its ways: Jaishankar condemns Pakistan at UNGA (opens in a new tab)

  2. 11 Aug 2026नया जोड़ा गया

    • 4 अगस्त को विदेश मंत्रालय ने PoJK के स्थानीय चुनावों को "पूरी तरह दिखावा" कहा और बताया कि जून से वहाँ विरोध प्रदर्शनों पर कार्रवाई में लगभग 90 लोग मारे गए हैं।
    • 5 अगस्त को भारत ने पाकिस्तान के Youm-e-Istehsal वक्तव्यों को अस्वीकार किया और कहा कि काबुल से भारत के जुड़ाव पर पाकिस्तान की आपत्तियाँ "असुरक्षा और हताशा" से उपजी हैं।
    • 11 अगस्त को भारत ने कहा कि वह 7 अगस्त को पाकिस्तान द्वारा सऊदी अरब और तुर्किये के साथ किए गए मक्का संयुक्त रक्षा समझौते के निहितार्थों की जाँच कर रहा है।

    DD India, 4 Aug 2026: MEA calls Pakistan occupied Kashmir elections a farce, urges global action over civilian killings (opens in a new tab) · DD India, 5 Aug 2026: India rejects Pakistan's Youm-e-Istehsal observance (opens in a new tab) · Ministry of External Affairs, 5 Aug 2026: Statement on Pakistan's remarks on India and Afghanistan ties · DD India, 11 Aug 2026: India urges global accountability for Pakistan over PoJK rights violations (opens in a new tab)

  3. 29 Jul 2026नया जोड़ा गया

    • PoJK में बिजली और गेहूँ की क़ीमतों को लेकर हफ़्तों चले विरोध प्रदर्शनों पर 18 जुलाई को UN मानवाधिकार कार्यालय ने चिंता जताई, और 24 जुलाई को भारत ने दमन पर UN की चुप्पी पर निराशा व्यक्त की।
    • 29 जुलाई को विदेश मंत्रालय ने दोहराया कि PoJK सहित जम्मू और कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न अंग हैं; 1 जुलाई को भारत ने पाकिस्तान में 125 वर्ष पुराने गुरुद्वारे को गिराए जाने की निंदा की थी।

    News On AIR, 18 Jul 2026: UN human rights agency voices concern over wave of unrest in PoJK (opens in a new tab) · News On AIR, 24 Jul 2026: India expresses disappointment over UN's silence on repression in PoJK (opens in a new tab) · News On AIR, 29 Jul 2026: MEA reiterates J&K, Ladakh including PoK are integral parts of India (opens in a new tab) · News On AIR, 1 Jul 2026: India condemns demolition of historic 125 year old gurdwara in Pakistan (opens in a new tab)

  4. 19 Jun 2026नयानया जोड़ा गया

    • 17 जून को, पाकिस्तान और इस्लामी सहयोग संगठन द्वारा जम्मू और कश्मीर का मुद्दा उठाए जाने पर UN में उत्तर देते हुए, भारत ने पाकिस्तान को ऐसा देश कहा जो आतंकवादियों को पनाह और प्रशिक्षण देता है।
    • भारत ने कहा कि 1960 की संधि पुरानी हो चुकी है और वर्तमान वास्तविकताओं से कटा हुआ स्थायी अधिकार नहीं हो सकती।

    The Hindu, 19 Jun 2026: India calls Pakistan a 'Frankenstein state' at U.N. (opens in a new tab)

यह भी देखें: Makkah Joint Defence Agreement · The Indus Waters Treaty in abeyance · India and Security Council reform

स्थगित सिंधु जल संधि

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प्रारंभिक और मुख्य

मुख्य लेखस्थगित सिंधु जल संधि: मध्यस्थता न्यायालय का निर्णय और भारत का उत्तरAugust 2026

चर्चा में क्यों

31 अगस्त 2026 को पाकिस्तान के अनुरोध पर गठित मध्यस्थता न्यायालय ने कहा कि भारत द्वारा सिंधु जल संधि (Indus Waters Treaty) को "स्थगित" रखने का संधि या अंतरराष्ट्रीय कानून में कोई आधार नहीं है, और संधि भारत पर बाध्यकारी बनी हुई है। भारत ने कुछ ही घंटों में यह कहते हुए निर्णय को अस्वीकार कर दिया कि उसने इस न्यायालय को कभी मान्यता नहीं दी।

पृष्ठभूमि

  • विश्व बैंक की मध्यस्थता से हुई 1960 की संधि भारत को तीन पूर्वी नदियाँ (रावी, ब्यास, सतलुज) और पाकिस्तान को तीन पश्चिमी नदियाँ (सिंधु, झेलम, चिनाब) देती है, जिन पर भारत डिज़ाइन सीमाओं के भीतर नदी प्रवाह आधारित जलविद्युत बना सकता है।
  • विवाद चरणों में आगे बढ़ते हैं: स्थायी सिंधु आयोग, फिर एक तटस्थ विशेषज्ञ, फिर एक मध्यस्थता न्यायालय। संधि में बाहर निकलने का कोई प्रावधान नहीं है।
  • 22 अप्रैल 2025 के पहलगाम हमले के बाद भारत ने संधि को तब तक स्थगित रखा जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद का समर्थन नहीं छोड़ता।
  • भारत स्वयं न्यायालय पर ही विवाद करता है: उसका कहना है कि किशनगंगा और रतले परियोजनाओं के प्रश्न तटस्थ विशेषज्ञ के हैं, और विश्व बैंक ने साथ में एक न्यायालय नियुक्त करके संधि का उल्लंघन किया।

न्यायालय ने क्या कहा

  • "स्थगन" संधि के लिए अज्ञात है और अंतरराष्ट्रीय कानून के लिए भी; कोई संधि इस तरह एक पक्ष द्वारा निलंबित नहीं की जा सकती।
  • संधि पूरी तरह लागू है: pacta sunt servanda, यानी समझौतों का पालन होना चाहिए।
  • अंतरिम उपाय के रूप में, भारत तटस्थ विशेषज्ञ के निर्णय के 90 दिन बाद तक, जो जुलाई 2027 में अपेक्षित है, रतले बाँध की दीवार और विद्युत अंतर्ग्रहण को तय स्तरों से ऊपर कंक्रीट नहीं कर सकता।
  • मई में इसी न्यायालय ने किशनगंगा और रतले में अधिकतम पौंडेज पर निर्णय दिया था; भारत ने उस निर्णय को भी शून्य और अमान्य कहा।

भारत का पक्ष

  • भारत संधि से हटा नहीं है। स्थगन का अर्थ है कि उसने अपने अधिकार बनाए रखते हुए संधि में दी गई बैठकें, आँकड़ों का आदान प्रदान और दौरे रोक दिए हैं।
  • उसका कहना है कि संधि पुरानी हो चुकी है: एक अलग युग के लिए हस्ताक्षरित, जिसमें जलवायु परिवर्तन, जनसंख्या या आतंकवाद का कोई प्रावधान नहीं।
  • उसका कहना है कि न्यायालय अवैध रूप से गठित है और वह इसकी कार्यवाही में भाग नहीं लेगा।
  • उसने फिर भी मानवीय आधार पर राजनयिक माध्यमों से पाकिस्तान के साथ बाढ़ चेतावनियाँ साझा की हैं, जैसे जुलाई की चिनाब बाढ़ में।

कानूनी और राजनीतिक प्रश्न

  • संधि में बाहर निकलने का कोई प्रावधान नहीं है। भौतिक उल्लंघन और परिस्थितियों के मूलभूत परिवर्तन पर संधियों के कानून पर वियना अभिसमय (Vienna Convention on the Law of Treaties) के नियम प्रथागत कानून माने जाते हैं, यद्यपि कोई भी देश इसका पक्षकार नहीं है और यह 1960 की संधि पर सीधे लागू नहीं होता। भारत ने औपचारिक रूप से इनमें से कोई आधार नहीं उठाया है।
  • पाकिस्तान निर्णय को अपनी जीत मानता है; जो पक्ष न्यायालय को मान्यता नहीं देता उसके विरुद्ध निर्णय लागू कराने का कोई तंत्र नहीं है।
  • वास्तविक दबाव जल पर है: पूर्वी नदियाँ पहले से भारत की हैं; पश्चिमी नदियों पर भारत क्या कर सकता है, यह भूगोल और उसके बनाए बाँधों से सीमित है।
  • पश्चिमी जल को मोड़ने के किसी भी प्रयास में वर्षों का निर्माण लगेगा।

आगे की राह

  • स्थगन का उपयोग संधि के आधुनिकीकरण के लिए करना: जलवायु आँकड़े, गाद, भूजल और विवाद निपटान की तेज़ सीढ़ी।
  • संधि जिन नदी प्रवाह आधारित परियोजनाओं की पहले से अनुमति देती है उन्हें बनाना, क्योंकि भारत का प्रभाव वहीं है।
  • मानवीय बाढ़ आँकड़े भेजते रहना, जिसमें कुछ ख़र्च नहीं होता और भारत की साख बनी रहती है।
  • तय करना कि वियना अभिसमय को औपचारिक रूप से उठाया जाए या नहीं, ताकि भारत के पक्ष का एक घोषित कानूनी आधार हो।

प्रारंभिक परीक्षा के तथ्य

  • संधि पर 1960 में हस्ताक्षर हुए, विश्व बैंक की मध्यस्थता से।
  • पूर्वी नदियाँ (रावी, ब्यास, सतलुज) भारत को; पश्चिमी नदियाँ (सिंधु, झेलम, चिनाब) पाकिस्तान को।
  • स्थायी सिंधु आयोग में दोनों ओर से एक एक आयुक्त होता है और इसे वर्ष में कम से कम एक बार मिलना होता है; इसकी पिछली बैठक मई 2022 में हुई।
  • किशनगंगा झेलम की एक सहायक नदी पर है; रतले चिनाब पर है।
  • भारत ने संधि को 23 अप्रैल 2025 को स्थगित किया।

मुख्य लेख उसके अपने पृष्ठ पर खोलें

विश्व बैंक की मध्यस्थता से हुई 1960 की संधि भारत को तीन पूर्वी नदियाँ (रावी, ब्यास, सतलुज) और पाकिस्तान को तीन पश्चिमी नदियाँ (सिंधु, झेलम, चिनाब) देती है, जिन पर भारत डिज़ाइन सीमाओं के भीतर नदी प्रवाह आधारित (run of the river) जलविद्युत बना सकता है।

क्या बदला

  1. 26 Sep 2026संक्षिप्तनया जोड़ा गयामहासभा में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने कश्मीर और सिंधु जल संधि का मुद्दा उठाया, और 26 सितंबर को भारत के विदेश मंत्री ने उत्तर में पाकिस्तान को आतंकवाद का नियमित अभ्यासी (serial practitioner of terrorism) कहा। ThePrint, 26 Sep 2026: It is for the perpetrator of terrorism to mend its ways: EAM Jaishankar condemns Pakistan at UNGA (opens in a new tab)

  2. 31 Aug 2026मुख्य लेखस्थगित सिंधु जल संधि: मध्यस्थता न्यायालय का निर्णय और भारत का उत्तर

  3. 25 Jul 2026नया जोड़ा गया

    • 25 जुलाई को विदेश मंत्रालय ने कहा कि जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद को विश्वसनीय रूप से नहीं छोड़ता, संधि स्थगित रहेगी।
    • उसने 20 से 23 जुलाई की चिनाब की बाढ़ का कारण भारी वर्षा बताया, और कहा कि भारत मानवीय आधार पर पाकिस्तान के साथ उच्च बाढ़ आँकड़े साझा करता रहेगा।

    News On AIR, 25 Jul 2026: Indus Waters Treaty remains in abeyance until Islamabad abjures support for cross border terrorism: Govt (opens in a new tab)

  4. 19 Jun 2026नयानया जोड़ा गया

    • 15 मई 2026 को मध्यस्थता न्यायालय (Court of Arbitration) ने किशनगंगा और रतले परियोजनाओं में अधिकतम जलाशय भंडारण (maximum pondage) पर एक पूरक निर्णय दिया, जिसे भारत ने अमान्य और शून्य बताकर अस्वीकार किया; भारत इस न्यायालय को मान्यता नहीं देता।
    • 17 जून को संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में उत्तर देने के अधिकार (right of reply) का प्रयोग करते हुए भारत ने कहा कि 1960 की संधि पुरानी हो चुकी है और वर्तमान वास्तविकताओं से कटा हुआ स्थायी अधिकार नहीं हो सकती।

    The Hindu, 19 Jun 2026: India calls Pakistan a 'Frankenstein state' at U.N., accuses it of supporting terrorism (opens in a new tab) · The Hindu, 17 May 2026: Morning Digest: India rejects award on Indus Waters Treaty (opens in a new tab)

Also filed elsewhere

  • India and Security Council reform · on संयुक्त राष्ट्र और सुरक्षा परिषद सुधार

    The Security Council has five permanent members with a veto and ten non permanent members elected for two years by a two thirds vote of the Assembly.